श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.10.31

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

राहुणा च तथा सोमः पुलोम्ना युयुधेऽनिलः।

निशुम्भशुम्भयोर्देवी भद्रकाली तरस्विनी॥ ३१

rāhuṇā ca tathā somaḥ pulomnā yuyudhe'nilaḥ|

niśumbhaśumbhayordevī bhadrakālī tarasvinī|| 31

अर्थ

राहुके साथ चन्द्रमा और पुलोमाके साथ वायुका युद्ध हुआ। भद्रकालीदेवी निशुम्भ और शुम्भपर झपट पड़ीं॥ ३१॥✎ 1987

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1987 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): महोदवजीकी → महादेवजीकी

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