श्रीमहादेवजीने कहा—समस्त देवोंके आराध्यदेव! आप विश्वव्यापी, जगदीश्वर एवं जगत्स्वरूप हैं। समस्त चराचर पदार्थोंके मूल कारण, ईश्वर और आत्मा भी आप ही हैं॥ ४॥
देवदेव जगद्व्यापिञ्जगदीश जगन्मय।
सर्वेषामपि भावानां त्वमात्मा हेतुरीश्वरः॥ ४
श्रीमहादेवजीने कहा—समस्त देवोंके आराध्यदेव! आप विश्वव्यापी, जगदीश्वर एवं जगत्स्वरूप हैं। समस्त चराचर पदार्थोंके मूल कारण, ईश्वर और आत्मा भी आप ही हैं॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.12.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 963) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/12/4/