॥ श्रीहरिः ॥
तत्र देवाः सुतपसो विरजा अमृतप्रभाः।
तेषां विरोचनसुतो बलिरिन्द्रो भविष्यति॥ १२
tatra devāḥ sutapaso virajā amṛtaprabhāḥ|
teṣāṃ virocanasuto balirindro bhaviṣyati|| 12
अर्थ
परीक्षित्! उस समय सुतपा, विरजा और अमृतप्रभ नामक देवगण होंगे। उन देवताओंके इन्द्र होंगे विरोचनके पुत्र बलि॥ १२॥
तत्र देवाः सुतपसो विरजा अमृतप्रभाः।
तेषां विरोचनसुतो बलिरिन्द्रो भविष्यति॥ १२
परीक्षित्! उस समय सुतपा, विरजा और अमृतप्रभ नामक देवगण होंगे। उन देवताओंके इन्द्र होंगे विरोचनके पुत्र बलि॥ १२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.13.12 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 970) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/13/12/