आप भी उसी धर्मका आचरण करते हैं, जिसका शुक्राचार्य आदि गृहस्थ ब्राह्मण, आपके पूर्वज प्रह्लाद और दूसरे यशस्वी वीरोंने पालन किया है॥ १५॥✎ 793
भवानाचरितान्धर्मानास्थितो गृहमेधिभिः।
ब्राह्मणैः पूर्वजैः शूरैरन्यैश्चोद्दामकीर्तिभिः॥ १५
आप भी उसी धर्मका आचरण करते हैं, जिसका शुक्राचार्य आदि गृहस्थ ब्राह्मण, आपके पूर्वज प्रह्लाद और दूसरे यशस्वी वीरोंने पालन किया है॥ १५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.19.15 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 994) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/19/15/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#793 शब्दोंके बीचका स्थान: विष्णुभगवान् को → विष्णुभगवान्को