पाँचवें मनुका नाम था रैवत। वे चौथे मनु तामसके सगे भाई थे। उनके अर्जुन, बलि, विन्ध्य आदि कई पुत्र थे॥ २॥
पञ्चमो रैवतो नाम मनुस्तामससोदरः।
बलिविन्ध्यादयस्तस्य सुता अर्जुनपूर्वकाः॥ २
पाँचवें मनुका नाम था रैवत। वे चौथे मनु तामसके सगे भाई थे। उनके अर्जुन, बलि, विन्ध्य आदि कई पुत्र थे॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.5.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 922) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/5/2/