जगत्पति भगवान्ने उस समय भी वैराजकी पत्नी सम्भूतिके गर्भसे अजित नामका अंशावतार ग्रहण किया था॥ ९॥✎ 679
तत्रापि देवः सम्भूत्यां वैराजस्याभवत् सुतः।
अजितो नाम भगवानंशेन जगतः पतिः॥ ९
जगत्पति भगवान्ने उस समय भी वैराजकी पत्नी सम्भूतिके गर्भसे अजित नामका अंशावतार ग्रहण किया था॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.5.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 923) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/5/9/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)