श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.6.18

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

श्रीभगवानुवाच

हन्त ब्रह्मन्‍नहो शम्भो हे देवा मम भाषितम्।

शृणुतावहिताः सर्वे श्रेयो वः स्याद् यथा सुराः॥ १८

hanta brahmannaho śambho he devā mama bhāṣitam|

śṛṇutāvahitāḥ sarve śreyo vaḥ syād yathā surāḥ|| 18

अर्थ

श्रीभगवान्‌ने कहा—ब्रह्मा, शंकर और देवताओ! तुमलोग सावधान होकर मेरी सलाह सुनो। तुम्हारे कल्याणका यही उपाय है॥ १८॥✎ 692

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #692 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीभगवान् ने → श्रीभगवान्‌ने

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