इस समय असुरोंपर कालकी कृपा है। इसलिये जबतक तुम्हारे अभ्युदय और उन्नतिका समय नहीं आता, तबतक तुम दैत्य और दानवोंके पास जाकर उनसे सन्धि कर लो॥ १९॥✎ 692
यात दानवदैतेयैस्तावत् सन्धिर्विधीयताम्।
कालेनानुगृहीतैस्तैर्यावद् वो भव आत्मनः॥ १९
इस समय असुरोंपर कालकी कृपा है। इसलिये जबतक तुम्हारे अभ्युदय और उन्नतिका समय नहीं आता, तबतक तुम दैत्य और दानवोंके पास जाकर उनसे सन्धि कर लो॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.6.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 932) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/6/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#692 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीभगवान् ने → श्रीभगवान्ने