श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.12.16

नवम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

इक्ष्वाकूणामयं वंशः सुमित्रान्तो भविष्यति।

यतस्तं प्राप्य राजानं संस्थां प्राप्स्यति वै कलौ॥ १६

ikṣvākūṇāmayaṃ vaṃśaḥ sumitrānto bhaviṣyati|

yatastaṃ prāpya rājānaṃ saṃsthāṃ prāpsyati vai kalau|| 16

अर्थ

इक्ष्वाकुका यह वंश सुमित्रतक ही रहेगा। क्योंकि सुमित्रके राजा होनेपर कलियुगमें यह वंश समाप्त हो जायगा॥ १६॥

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां नवमस्कन्धे
इक्ष्वाकुवंशवर्णनं ४
नाम द्वादशोऽध्यायः॥ १२॥

टिप्पणियाँ

  1. ४

    वंशानुकथने श्रीरामचरिते।

     

    (मुद्रित पृष्ठ 66)

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