श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.17.6

नवम स्कन्ध · अध्याय 17 · अथ सप्तदशोऽध्यायः

दिवोदासो द्युमांस्तस्मात् प्रतर्दन इति स्मृतः।

स एव शत्रुजिद् वत्स ऋतध्वज इतीरितः।

तथा कुवलयाश्‍वेति प्रोक्तोऽलर्कादयस्ततः॥ ६

divodāso dyumāṃstasmāt pratardana iti smṛtaḥ|

sa eva śatrujid vatsa ṛtadhvaja itīritaḥ|

tathā kuvalayāśveti prokto'larkādayastataḥ|| 6

अर्थ

भीमरथका दिवोदास और दिवोदासका द्युमान्—जिसका एक नाम प्रतर्दन भी है। यही द्युमान् शत्रुजित्, वत्स, ऋतध्वज और कुवलयाश्‍वके नामसे भी प्रसिद्ध है। द्युमान्‌के ही पुत्र अलर्क आदि हुए॥ ६॥

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