॥ श्रीहरिः ॥
षष्टिवर्षसहस्राणि षष्टिवर्षशतानि च।
नालर्कादपरो राजन्१ मेदिनीं बुभुजे युवा॥ ७
ṣaṣṭivarṣasahasrāṇi ṣaṣṭivarṣaśatāni ca|
nālarkādaparo rājan medinīṃ bubhuje yuvā|| 7
अर्थ
परीक्षित्! अलर्कके सिवा और किसी राजाने छाछठ हजार (६६,०००) वर्षतक युवा रहकर पृथ्वीका राज्य नहीं भोगा॥ ७॥
षष्टिवर्षसहस्राणि षष्टिवर्षशतानि च।
नालर्कादपरो राजन् मेदिनीं बुभुजे युवा॥ ७
परीक्षित्! अलर्कके सिवा और किसी राजाने छाछठ हजार (६६,०००) वर्षतक युवा रहकर पृथ्वीका राज्य नहीं भोगा॥ ७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.17.7 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 84) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/17/7/टिप्पणियाँ
- १
राजा।
(मुद्रित पृष्ठ 84)