श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.1.7

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

श्रेयसां यद्भवेच्छ्रेयः पावनानां च पावनम्।

कृष्णप्राप्तिकरं शश्‍वत्साधनं तद्वदाधुना॥ ७

śreyasāṃ yadbhavecchreyaḥ pāvanānāṃ ca pāvanam|

kṛṣṇaprāptikaraṃ śaśvatsādhanaṃ tadvadādhunā|| 7

अर्थ

सूतजी! आप हमें कोई ऐसा शाश्‍वत साधन बताइये जो सबसे अधिक कल्याणकारी तथा पवित्र करनेवालोंमें भी पवित्र हो; तथा जो भगवान् श्रीकृष्णकी प्राप्ति करा दे॥ ७॥

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