tasmiṃstvāṃ sthāpayiṣyāmi gehe gehe jane jane|| 13
अर्थ
सुमुखि! कलिके समान कोई भी युग नहीं है, इस युगमें मैं तुम्हें घर-घरमें प्रत्येक पुरुषके हृदयमें स्थापित कर दूँगा॥ १३॥
कलिना सदृशः कोऽपि युगो नास्ति वरानने।
तस्मिंस्त्वां स्थापयिष्यामि गेहे गेहे जने जने॥ १३
सुमुखि! कलिके समान कोई भी युग नहीं है, इस युगमें मैं तुम्हें घर-घरमें प्रत्येक पुरुषके हृदयमें स्थापित कर दूँगा॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.2.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 41) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/2/13/