श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.2.49

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

येषां भ्रूभङ्गमात्रेण द्वारपालौ हरेः पुरा।

भूमौ निपतितौ सद्यो यत्कृपातः पुरं गतौ॥ ४९

yeṣāṃ bhrūbhaṅgamātreṇa dvārapālau hareḥ purā|

bhūmau nipatitau sadyo yatkṛpātaḥ puraṃ gatau|| 49

अर्थ

पूर्वकालमें आपके भ्रूभंगमात्रसे भगवान् विष्णुके द्वारपाल जय और विजय तुरंत पृथ्वीपर गिर गये थे और फिर आपकी ही कृपासे वे पुनः वैकुण्ठलोक पहुँच गये॥ ४९॥

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