एक बार जब तुमने हाथ जोड़कर पूछा था कि ‘मैं क्या करूँ?’ तब भगवान्ने तुम्हें यही आज्ञा दी थी कि ‘मेरे भक्तोंका पोषण करो।’॥ ६॥✎ 910
बद्ध्वाञ्जलिं त्वया पृष्टं किं करोमीति चैकदा।
त्वां तदाऽऽज्ञापयत्कृष्णो मद्भक्तान् पोषयेति च॥ ६
एक बार जब तुमने हाथ जोड़कर पूछा था कि ‘मैं क्या करूँ?’ तब भगवान्ने तुम्हें यही आज्ञा दी थी कि ‘मेरे भक्तोंका पोषण करो।’॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.2.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 41) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/2/6/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)