vandhyā vā vidhavā nārī sukhinī ceti me matiḥ|| 49
अर्थ
जो स्त्री बच्चा जनती है, उसे उस बच्चेके लालन-पालनमें भी बड़ा कष्ट होता है। मेरे विचारसे तो वन्ध्या या विधवा स्त्रियाँ ही सुखी हैं’॥ ४९॥
लालने पालने दुःखं प्रसूतायाश्च वर्तते।
वन्ध्या वा विधवा नारी सुखिनी चेति मे मतिः॥ ४९
जो स्त्री बच्चा जनती है, उसे उस बच्चेके लालन-पालनमें भी बड़ा कष्ट होता है। मेरे विचारसे तो वन्ध्या या विधवा स्त्रियाँ ही सुखी हैं’॥ ४९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.4.49 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 58) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/4/49/