श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.4.49

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

लालने पालने दुःखं प्रसूतायाश्‍च वर्तते।

वन्ध्या वा विधवा नारी सुखिनी चेति मे मतिः॥ ४९

lālane pālane duḥkhaṃ prasūtāyāśca vartate|

vandhyā vā vidhavā nārī sukhinī ceti me matiḥ|| 49

अर्थ

जो स्त्री बच्चा जनती है, उसे उस बच्चेके लालन-पालनमें भी बड़ा कष्ट होता है। मेरे विचारसे तो वन्ध्या या विधवा स्त्रियाँ ही सुखी हैं’॥ ४९॥

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