na jñātaṃ tadrahasyaṃ tu kenāpīdaṃ tathaiva ca|| 12
अर्थ
उन्होंने उसके शरीरको एक गड्ढेमें डालकर गाड़ दिया। सच है, स्त्रियाँ प्रायः बड़ी दुःसाहसी होती हैं। उनके इस कृत्यका किसीको भी पता न चला॥ १२॥
तं देहं मुमुचुर्गर्ते प्रायः साहसिकाः स्त्रियः।
न ज्ञातं तद्रहस्यं तु केनापीदं तथैव च॥ १२
उन्होंने उसके शरीरको एक गड्ढेमें डालकर गाड़ दिया। सच है, स्त्रियाँ प्रायः बड़ी दुःसाहसी होती हैं। उनके इस कृत्यका किसीको भी पता न चला॥ १२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.5.12 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 63) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/5/12/