श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.5.78

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

श्रावणे मासि गोकर्णः कथामूचे तथा पुनः।

सप्तरात्रवतीं भूयः श्रवणं तैः कृतं पुनः॥ ७८

śrāvaṇe māsi gokarṇaḥ kathāmūce tathā punaḥ|

saptarātravatīṃ bhūyaḥ śravaṇaṃ taiḥ kṛtaṃ punaḥ|| 78

अर्थ

श्रावण मासमें गोकर्णजीने फिर उसी प्रकार सप्ताहक्रमसे कथा कही और उन श्रोताओंने उसे फिर सुना॥ ७८॥

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