श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.23

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

वक्‍त्रा क्षौरं प्रकर्तव्यं दिनादर्वाग्व्रताप्तये।

अरुणोदयेऽसौ निर्वर्त्य शौचं स्नानं समाचरेत्॥ २३

vaktrā kṣauraṃ prakartavyaṃ dinādarvāgvratāptaye|

aruṇodaye'sau nirvartya śaucaṃ snānaṃ samācaret|| 23

अर्थ

कथा-प्रारम्भके दिनसे एक दिन पूर्व व्रत ग्रहण करनेके लिये वक्ताको क्षौर करा लेना चाहिये। तथा अरुणोदयके समय शौचसे निवृत्त होकर अच्छी तरह स्नान करे॥ २३॥

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