श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.93

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

शौनक उवाच

शुकेनोक्तं कदा राज्ञे गोकर्णेन कदा पुनः।

सुरर्षये कदा ब्राह्मैश्छिन्धि मे संशयं त्विमम्॥ ९३

śukenoktaṃ kadā rājñe gokarṇena kadā punaḥ|

surarṣaye kadā brāhmaiśchindhi me saṃśayaṃ tvimam|| 93

अर्थ

शौनकजीने पूछा—सूतजी! शुकदेवजीने राजा परीक्षित‍्को, गोकर्णने धुन्धुकारीको और सनकादिने नारदजीको किस-किस समय यह ग्रन्थ सुनाया था—मेरा यह संशय दूर कीजिये!॥ ९३॥

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