श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.96

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

तस्मादपि कलौ प्राप्ते त्रिंशद्वर्षगते सति।

ऊचुरूर्जे सिते पक्षे नवम्यां ब्रह्मणः सुताः॥ ९६

tasmādapi kalau prāpte triṃśadvarṣagate sati|

ūcurūrje site pakṣe navamyāṃ brahmaṇaḥ sutāḥ|| 96

अर्थ

इसके पीछे कलियुगके तीस वर्ष और निकल जानेपर कार्तिक शुक्ला नवमीसे सनकादिने कथा आरम्भ की थी॥ ९६॥

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