श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.15

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

श्रीमद्भागवतं शास्त्रं नित्यं यैः परिसेवितम्।

पितुर्मातुश्‍च भार्यायाः कुलपङ्क्तिः सुतारिता॥ १५

śrīmadbhāgavataṃ śāstraṃ nityaṃ yaiḥ parisevitam|

piturmātuśca bhāryāyāḥ kulapaṅktiḥ sutāritā|| 15

अर्थ

जिन बड़भागियोंने प्रतिदिन श्रीमद्भागवत शास्त्रका सेवन किया है, उन्होंने अपने पिता, माता और पत्‍नी—तीनोंके ही कुलका भलीभाँति उद्धार कर दिया॥ १५॥

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