श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.16

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

विद्याप्रकाशो विप्राणां राज्ञां शत्रुजयो विशाम्।

धनं स्वास्थ्यं च शूद्राणां श्रीमद्भागवताद् भवेत्॥ १६

vidyāprakāśo viprāṇāṃ rājñāṃ śatrujayo viśām|

dhanaṃ svāsthyaṃ ca śūdrāṇāṃ śrīmadbhāgavatād bhavet|| 16

अर्थ

श्रीमद्भागवतके स्वाध्याय और श्रवणसे ब्राह्मणोंको विद्याका प्रकाश (बोध) प्राप्त होता है, क्षत्रियलोग शत्रुओंपर विजय पाते हैं, वैश्योंको धन मिलता है और शूद्र स्वस्थ—नीरोग बने रहते हैं॥ १६॥

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