श्रीकृष्ण और बलराम ग्वालबालकोंके साथ बहुत देरसे खेल रहे थे, यशोदाजीने जाकर उन्हें पुकारा। उस समय पुत्रके प्रति वात्सल्यस्नेहके कारण उनके स्तनोंमेंसे दूध चुचुआ रहा था॥ १४॥✎ 1413
क्रीडन्तं सा सुतं बालैरतिवेलं सहाग्रजम्।
यशोदाजोहवीत् कृष्णं पुत्रस्नेहस्नुतस्तनी॥ १४
श्रीकृष्ण और बलराम ग्वालबालकोंके साथ बहुत देरसे खेल रहे थे, यशोदाजीने जाकर उन्हें पुकारा। उस समय पुत्रके प्रति वात्सल्यस्नेहके कारण उनके स्तनोंमेंसे दूध चुचुआ रहा था॥ १४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.11.14 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 197) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/11/14/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)