श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.19.16

दशम स्कन्ध · अध्याय 19 · अथैकोनविंशोऽध्यायः

गोपीनां परमानन्द आसीद् गोविन्ददर्शने।

क्षणं युगशतमिव यासां येन विनाभवत्॥ १६

gopīnāṃ paramānanda āsīd govindadarśane|

kṣaṇaṃ yugaśatamiva yāsāṃ yena vinābhavat|| 16

अर्थ

इधर व्रजमें गोपियोंको श्रीकृष्णके बिना एक-एक क्षण सौ-सौ युगके समान हो रहा था। जब भगवान् श्रीकृष्ण लौटे तब उनका दर्शन करके वे परमानन्दमें म‌ग्‍न हो गयीं॥ १६॥

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां दशमस्कन्धे पूर्वार्धे
दावाग्‍निपानं नामैकोनविंशोऽध्यायः॥ १९॥

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