श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.20.29

दशम स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

दध्योदनं समानीतं शिलायां सलिलान्तिके।

सम्भोजनीयैर्बुभुजे गोपैः संकर्षणान्वितः॥ २९

dadhyodanaṃ samānītaṃ śilāyāṃ salilāntike|

sambhojanīyairbubhuje gopaiḥ saṃkarṣaṇānvitaḥ|| 29

अर्थ

कभी जलके पास ही किसी चट्टानपर बैठ जाते और बलरामजी तथा ग्वालबालोंके साथ मिलकर घरसे लाया हुआ दही-भात, दाल-शाक आदिके साथ खाते॥ २९॥

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