मैंने सुना है कि हमारे भतीजे भगवान् श्रीकृष्ण और कमलनयन बलराम बड़े ही भक्त-वत्सल और शरणागत-रक्षक हैं। क्या वे कभी अपने इन फुफेरे भाइयोंको भी याद करते हैं?॥ ९॥✎ 2106
भ्रात्रेयो भगवान् कृष्णः शरण्यो भक्तवत्सलः।
पैतृष्वसेयान् स्मरति रामश्चाम्बुरुहेक्षणः॥ ९
मैंने सुना है कि हमारे भतीजे भगवान् श्रीकृष्ण और कमलनयन बलराम बड़े ही भक्त-वत्सल और शरणागत-रक्षक हैं। क्या वे कभी अपने इन फुफेरे भाइयोंको भी याद करते हैं?॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.49.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 441) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/49/9/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)