राजेन्द्र! भगवान् श्रीकृष्णके इन पुत्रोंमें भी सबसे श्रेष्ठ रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्नजी थे। वे सभी गुणोंमें अपने पिताके समान ही थे॥ ३५॥
एतेषामपि राजेन्द्र तनुजानां मधुद्विषः।
प्रद्युम्न आसीत् प्रथमः पितृवद् रुक्मिणीसुतः॥ ३५
राजेन्द्र! भगवान् श्रीकृष्णके इन पुत्रोंमें भी सबसे श्रेष्ठ रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्नजी थे। वे सभी गुणोंमें अपने पिताके समान ही थे॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.90.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 706) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/90/35/