श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.90.36

दशम स्कन्ध · अध्याय 90 · अथ नवतितमोऽध्यायः

स रुक्मिणो दुहितरमुपयेमे महारथः।

तस्मात् सुतोऽनिरुद्धोऽभून्‍नागायुतबलान्वितः॥ ३६

sa rukmiṇo duhitaramupayeme mahārathaḥ|

tasmāt suto'niruddho'bhūnnāgāyutabalānvitaḥ|| 36

अर्थ

महारथी प्रद्युम्‍नने रुक्मीकी कन्यासे अपना विवाह किया था। उसीके गर्भसे अनिरुद्धजीका जन्म हुआ। उनमें दस हजार हाथियोंका बल था॥ ३६॥

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