मम नाभ्यामभूत् पद्मं विश्वाख्यं तत्र चात्मभूः॥ १०
tasminnahaṃ samabhavamaṇḍe salilasaṃsthitau|
mama nābhyāmabhūt padmaṃ viśvākhyaṃ tatra cātmabhūḥ|| 10
अर्थ
जब वह अण्ड जलमें स्थित हो गया, तब मैं नारायणरूपसे इसमें विराजमान हो गया। मेरी नाभिसे विश्वकमलकी उत्पत्ति हुई। उसीपर ब्रह्माका आविर्भाव हुआ॥ १०॥
तस्मिन्नहं समभवमण्डे सलिलसंस्थितौ।
मम नाभ्यामभूत् पद्मं विश्वाख्यं तत्र चात्मभूः॥ १०
जब वह अण्ड जलमें स्थित हो गया, तब मैं नारायणरूपसे इसमें विराजमान हो गया। मेरी नाभिसे विश्वकमलकी उत्पत्ति हुई। उसीपर ब्रह्माका आविर्भाव हुआ॥ १०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.24.10 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 864) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/24/10/