भगवान् श्रीकृष्ण वहाँ अब भी सदा-सर्वदा निवास करते हैं। वह स्थान स्मरणमात्रसे ही सारे पाप-तापोंका नाश करनेवाला और सर्वमंगलोंको भी मंगल बनानेवाला है॥ २४॥✎ 1778
नित्यं सन्निहितस्तत्र भगवान् मधुसूदनः।
स्मृत्याशेषाशुभहरं सर्वमंगलमंगलम्॥ २४
भगवान् श्रीकृष्ण वहाँ अब भी सदा-सर्वदा निवास करते हैं। वह स्थान स्मरणमात्रसे ही सारे पाप-तापोंका नाश करनेवाला और सर्वमंगलोंको भी मंगल बनानेवाला है॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.31.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 906) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/31/24/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)