॥ श्रीहरिः ॥
कुत्र कौषारवेस्तस्य संवादोऽध्यात्मसंश्रितः।
यद्वा स भगवांस्तस्मै पृष्टस्तत्त्वमुवाच ह॥ ४९
kutra kauṣāravestasya saṃvādo'dhyātmasaṃśritaḥ|
yadvā sa bhagavāṃstasmai pṛṣṭastattvamuvāca ha|| 49
अर्थ
उस यात्रामें मैत्रेय ऋषिके साथ अध्यात्मके सम्बन्धमें उनकी बातचीत कहाँ हुई तथा मैत्रेयजीने उनके प्रश्न करनेपर किस तत्त्वका उपदेश किया?॥ ४९॥
कुत्र कौषारवेस्तस्य संवादोऽध्यात्मसंश्रितः।
यद्वा स भगवांस्तस्मै पृष्टस्तत्त्वमुवाच ह॥ ४९
उस यात्रामें मैत्रेय ऋषिके साथ अध्यात्मके सम्बन्धमें उनकी बातचीत कहाँ हुई तथा मैत्रेयजीने उनके प्रश्न करनेपर किस तत्त्वका उपदेश किया?॥ ४९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 2.10.49 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 234) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/2/10/49/