राजन्! पूर्वकालमें ब्रह्माजीने जिन धान्य आदिको उत्पन्न किया था, मैंने देखा कि यम-नियमादि व्रतोंका पालन न करनेवाले दुराचारीलोग ही उन्हें खाये जा रहे हैं॥ ६॥
पुरा सृष्टा ह्योषधयो ब्रह्मणा या विशाम्पते।
भुज्यमाना मया दृष्टा असद्भिरधृतव्रतैः॥ ६
राजन्! पूर्वकालमें ब्रह्माजीने जिन धान्य आदिको उत्पन्न किया था, मैंने देखा कि यम-नियमादि व्रतोंका पालन न करनेवाले दुराचारीलोग ही उन्हें खाये जा रहे हैं॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.18.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 493) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/18/6/