मैंने तुम्हें यह योगादेश नामका स्तोत्र सुनाया है। तुमलोग इसे मनसे धारणकर मुनिव्रतका आचरण करते हुए इसका एकाग्रतासे आदरपूर्वक अभ्यास करो॥ ७१॥✎ 4151335
योगादेशमुपासाद्य धारयन्तो मुनिव्रताः।
समाहितधियः सर्व एतदभ्यसतादृताः॥ ७१
मैंने तुम्हें यह योगादेश नामका स्तोत्र सुनाया है। तुमलोग इसे मनसे धारणकर मुनिव्रतका आचरण करते हुए इसका एकाग्रतासे आदरपूर्वक अभ्यास करो॥ ७१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.24.71 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 532) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/24/71/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
#415 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् में → भगवान्में
#1335 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): करेेंगे॥ → करेंगे॥