श्रीभगवान्ने कहा—जगत्का परम कारण मैं ही ब्रह्मा और महादेव हूँ; मैं सबका आत्मा, ईश्वर और साक्षी हूँ तथा स्वयंप्रकाश और उपाधिशून्य हूँ॥ ५०॥✎ 364
अहं ब्रह्मा च शर्वश्च जगतः कारणं परम्।
आत्मेश्वर उपद्रष्टा स्वयंदृगविशेषणः॥ ५०
श्रीभगवान्ने कहा—जगत्का परम कारण मैं ही ब्रह्मा और महादेव हूँ; मैं सबका आत्मा, ईश्वर और साक्षी हूँ तथा स्वयंप्रकाश और उपाधिशून्य हूँ॥ ५०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.7.50 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 441) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/7/50/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#364 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीभगवान् ने → श्रीभगवान्ने