उनकी दोनों रानियाँ सुनीति और सुरुचि भी सुवर्णमय आभूषणोंसे विभूषित हो राजकुमार उत्तमके साथ पालकियोंपर चढ़कर चल रही थीं॥ ४१॥✎ 1946
सुनीतिः सुरुचिश्चास्य महिष्यौ रुक्मभूषिते।
आरुह्य शिबिकां सार्धमुत्तमेनाभिजग्मतुः॥ ४१
उनकी दोनों रानियाँ सुनीति और सुरुचि भी सुवर्णमय आभूषणोंसे विभूषित हो राजकुमार उत्तमके साथ पालकियोंपर चढ़कर चल रही थीं॥ ४१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.9.41 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 458) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/9/41/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1946 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): बिभूषित → विभूषित