उस मन्वन्तरमें वसिष्ठजीके प्रमद आदि सात पुत्र सप्तर्षि थे। सत्य, वेदश्रुत और भद्र नामक देवताओंके प्रधान गण थे और इन्द्रका नाम था सत्यजित्॥ २४॥✎ 652653
वसिष्ठतनयाः सप्त ऋषयः प्रमदादयः।
सत्या वेदश्रुता भद्रा देवा इन्द्रस्तु सत्यजित्॥ २४
उस मन्वन्तरमें वसिष्ठजीके प्रमद आदि सात पुत्र सप्तर्षि थे। सत्य, वेदश्रुत और भद्र नामक देवताओंके प्रधान गण थे और इन्द्रका नाम था सत्यजित्॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.1.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 908) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/1/24/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)