श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.10.29

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

यमस्तु कालनाभेन विश्‍वकर्मा मयेन वै।

शम्बरो युयुधे त्वष्ट्रा सवित्रा तु विरोचनः॥ २९

yamastu kālanābhena viśvakarmā mayena vai|

śambaro yuyudhe tvaṣṭrā savitrā tu virocanaḥ|| 29

अर्थ

यमराज कालनाभसे, विश्‍वकर्मा मयसे, शम्बरासुर त्वष्टासे तथा सविता विरोचनसे लड़ने लगे॥ २९॥✎ 1987

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1987 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): महोदवजीकी → महादेवजीकी

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