परीक्षित्! बारहवें मनु होंगे रुद्रसावर्णि। उनके देववान्, उपदेव और देवश्रेष्ठ आदि पुत्र होंगे॥ २७॥✎ 1996
भविता रुद्रसावर्णी राजन्द्वादशमो मनुः।
देववानुपदेवश्च देवश्रेष्ठादयः सुताः॥ २७
परीक्षित्! बारहवें मनु होंगे रुद्रसावर्णि। उनके देववान्, उपदेव और देवश्रेष्ठ आदि पुत्र होंगे॥ २७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.13.27 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 971) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/13/27/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1996 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): ऋतुधामा → ऋतधामा