भगवान् शंकर बड़े कृपालु हैं। उन्हींकी शक्तिसे समस्त प्राणी जीवित रहते हैं। उन्होंने उस तीक्ष्ण हालाहल विषको अपनी हथेलीपर उठाया और भक्षण कर गये॥ ४२॥✎ 706
ततः करतलीकृत्य व्यापि हालाहलं विषम्।
अभक्षयन्महादेवः कृपया भूतभावनः॥ ४२
भगवान् शंकर बड़े कृपालु हैं। उन्हींकी शक्तिसे समस्त प्राणी जीवित रहते हैं। उन्होंने उस तीक्ष्ण हालाहल विषको अपनी हथेलीपर उठाया और भक्षण कर गये॥ ४२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.7.42 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 941) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/7/42/