श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.11.19

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

जम्भं श्रुत्वा हतं तस्य ज्ञातयो नारदादृषेः।

नमु३चिश्‍च बलः पाकस्तत्रापेतु४स्त्वरान्विताः॥ १९

jambhaṃ śrutvā hataṃ tasya jñātayo nāradādṛṣeḥ|

namuciśca balaḥ pākastatrāpetustvarānvitāḥ|| 19

अर्थ

देवर्षि नारदसे जम्भासुरकी मृत्युका समाचार जानकर उसके भाई-बन्धु नमुचि, बल और पाक झटपट रणभूमिमें आ पहुँचे॥ १९॥✎ 1978

टिप्पणियाँ

  1. ३

    प्रा० पा०—मुचिः सबलः।

    (मुद्रित पृष्ठ 959)
  2. ४

    प्रा० पा०—पेतुश्‍च रोषिताः।

    (मुद्रित पृष्ठ 959)
इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1978 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): अपने → अपनी

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