श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

पारायण · प्रयोग 55 · 30 दिन

पाठ-क्रम

ऊपरकी तालिका, दिन-प्रतिदिनके पाठके रूपमें: पिछले विश्रामके बादसे इस दिनके विश्रामतक।

  1. दिन 1प्रथम स्कन्ध · अध्याय 1 से प्रथम स्कन्ध · अध्याय 5 तक5 अध्याय
    इस दिनके 5 अध्याय
    1. 1.1 श्रीसूतजीसे शौनकादि ऋषियोंका प्रश्न
    2. 1.2 भगवत्कथा और भगवद्भक्तिका माहात्म्य
    3. 1.3 भगवान्‌के अवतारोंका वर्णन
    4. 1.4 महर्षि व्यासका असन्तोष
    5. 1.5 भगवान्‌के यश-कीर्तनकी महिमा और देवर्षि नारदजीका पूर्वचरित्र
  2. दिन 2प्रथम स्कन्ध · अध्याय 6 से प्रथम स्कन्ध · अध्याय 16 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 1.6 नारदजीके पूर्वचरित्रका शेष भाग
    2. 1.7 अश्‍वत्थामाद्वारा द्रौपदीके पुत्रोंका मारा जाना और अर्जुनके द्वारा अश्‍वत्थामाका मानमर्दन
    3. 1.8 गर्भमें परीक्षित‍्की रक्षा, कुन्तीके द्वारा भगवान्‌की स्तुति और युधिष्ठिरका शोक
    4. 1.9 युधिष्ठिरादिका भीष्मजीके पास जाना और भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति करते हुए भीष्मजीका प्राणत्याग करना
    5. 1.10 श्रीकृष्णका द्वारका-गमन
    6. 1.11 द्वारकामें श्रीकृष्णका राजोचित स्वागत
    7. 1.12 परीक्षित‍्का जन्म
    8. 1.13 विदुरजीके उपदेशसे धृतराष्ट्र और गान्धारीका वनमें जाना
    9. 1.14 अपशकुन देखकर महाराज युधिष्ठिरका शंका करना और अर्जुनका द्वारकासे लौटना
    10. 1.15 कृष्णविरहव्यथित पाण्डवोंका परीक्षित‍्को राज्य देकर स्वर्ग सिधारना
    11. 1.16 परीक्षित‍्की दिग्विजय तथा धर्म और पृथ्वीका संवाद
  3. दिन 3प्रथम स्कन्ध · अध्याय 17 से द्वितीय स्कन्ध · अध्याय 9 तक12 अध्याय
    इस दिनके 12 अध्याय
    1. 1.17 महाराज परीक्षित्द्वारा कलियुगका दमन
    2. 1.18 राजा परीक्षित‍्को शृंगी ऋषिका शाप
    3. 1.19 परीक्षित‍्का अनशनव्रत और शुकदेवजीका आगमन
    4. 2.1 ध्यान-विधि और भगवान्‌के विराट्स्वरूपका वर्णन
    5. 2.2 भगवान्‌के स्थूल और सूक्ष्मरूपोंकी धारणा तथा क्रममुक्ति और सद्योमुक्तिका वर्णन
    6. 2.3 कामनाओंके अनुसार विभिन्‍न देवताओंकी उपासना तथा भगवद्भक्तिके प्राधान्यका निरूपण
    7. 2.4 राजाका सृष्टिविषयक प्रश्न और शुकदेवजीका कथारम्भ
    8. 2.5 सृष्टि-वर्णन
    9. 2.6 विराट्स्वरूपकी विभूतियोंका वर्णन
    10. 2.7 भगवान्‌के लीलावतारोंकी कथा
    11. 2.8 राजा परीक्षित‍्के विविध प्रश्न
    12. 2.9 ब्रह्माजीका भगवद्धामदर्शन और भगवान्‌के द्वारा उन्हें चतुःश्लोकी भागवतका उपदेश
  4. दिन 4द्वितीय स्कन्ध · अध्याय 10 से तृतीय स्कन्ध · अध्याय 10 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 2.10 भागवतके दस लक्षण
    2. 3.1 उद्धव और विदुरकी भेंट
    3. 3.2 उद्धवजीद्वारा भगवान्‌की बाललीलाओंका वर्णन
    4. 3.3 भगवान्‌के अन्य लीलाचरित्रोंका वर्णन
    5. 3.4 उद्धवजीसे विदा होकर विदुरजीका मैत्रेय ऋषिके पास जाना
    6. 3.5 विदुरजीका प्रश्न और मैत्रेयजीका सृष्टिक्रमवर्णन
    7. 3.6 विराट् शरीरकी उत्पत्ति
    8. 3.7 विदुरजीके प्रश्न
    9. 3.8 ब्रह्माजीकी उत्पत्ति
    10. 3.9 ब्रह्माजीद्वारा भगवान्‌की स्तुति
    11. 3.10 दस प्रकारकी सृष्टिका वर्णन
  5. दिन 5तृतीय स्कन्ध · अध्याय 11 से तृतीय स्कन्ध · अध्याय 23 तक13 अध्याय
    इस दिनके 13 अध्याय
    1. 3.11 मन्वन्तरादि कालविभागका वर्णन
    2. 3.12 सृष्टिका विस्तार
    3. 3.13 वाराह-अवतारकी कथा
    4. 3.14 दितिका गर्भधारण
    5. 3.15 जय-विजयको सनकादिका शाप
    6. 3.16 जय-विजयका वैकुण्ठसे पतन
    7. 3.17 हिरण्यकशिपु और हिरण्याक्षका जन्म तथा हिरण्याक्षकी दिग्विजय
    8. 3.18 हिरण्याक्षके साथ वराहभगवान्‌का युद्ध
    9. 3.19 हिरण्याक्षवध
    10. 3.20 ब्रह्माजीकी रची हुई अनेक प्रकारकी सृष्टिका वर्णन
    11. 3.21 कर्दमजीकी तपस्या और भगवान्‌का वरदान
    12. 3.22 देवहूतिके साथ कर्दम प्रजापतिका विवाह
    13. 3.23 कर्दम और देवहूतिका विहार
  6. दिन 6तृतीय स्कन्ध · अध्याय 24 से चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 1 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 3.24 श्रीकपिलदेवजीका जन्म
    2. 3.25 देवहूतिका प्रश्न तथा भगवान् कपिलद्वारा भक्तियोगकी महिमाका वर्णन
    3. 3.26 महदादि भिन्‍न-भिन्‍न तत्त्वोंकी उत्पत्तिका वर्णन
    4. 3.27 प्रकृति-पुरुषके विवेकसे मोक्ष-प्राप्तिका वर्णन
    5. 3.28 अष्टांगयोगकी विधि
    6. 3.29 भक्तिका मर्म और कालकी महिमा
    7. 3.30 देह-गेहमें आसक्त पुरुषोंकी अधोगतिका वर्णन
    8. 3.31 मनुष्ययोनिको प्राप्त हुए जीवकी गतिका वर्णन
    9. 3.32 धूममार्ग और अर्चिरादि मार्गसे जानेवालोंकी गतिका और भक्तियोगकी उत्कृष्टताका वर्णन
    10. 3.33 देवहूतिको तत्त्वज्ञान एवं मोक्षपदकी प्राप्ति
    11. 4.1 स्वायम्भुव-मनुकी कन्याओंके वंशका वर्णन
  7. दिन 7चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 2 से चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 8 तक7 अध्याय
    इस दिनके 7 अध्याय
    1. 4.2 भगवान् शिव और दक्ष प्रजापतिका मनोमालिन्य
    2. 4.3 सतीका पिताके यहाँ यज्ञोत्सवमें जानेके लिये आग्रह करना
    3. 4.4 सतीका अग्‍निप्रवेश
    4. 4.5 वीरभद्रकृत दक्षयज्ञविध्वंस और दक्षवध
    5. 4.6 ब्रह्मादि देवताओंका कैलास जाकर श्रीमहादेवजीको मनाना
    6. 4.7 दक्षयज्ञकी पूर्ति
    7. 4.8 ध्रुवका वन-गमन
  8. दिन 8चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 9 से चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 22 तक14 अध्याय
    इस दिनके 14 अध्याय
    1. 4.9 ध्रुवका वर पाकर घर लौटना
    2. 4.10 उत्तमका मारा जाना, ध्रुवका यक्षोंके साथ युद्ध
    3. 4.11 स्वायम्भुव-मनुका ध्रुवजीको युद्ध बंद करनेके लिये समझाना
    4. 4.12 ध्रुवजीको कुबेरका वरदान और विष्णुलोककी प्राप्ति
    5. 4.13 ध्रुववंशका वर्णन, राजा अंगका चरित्र
    6. 4.14 राजा वेनकी कथा
    7. 4.15 महाराज पृथुका आविर्भाव और राज्याभिषेक
    8. 4.16 वन्दीजनद्वारा महाराज पृथुकी स्तुति
    9. 4.17 महाराज पृथुका पृथ्वीपर कुपित होना और पृथ्वीके द्वारा उनकी स्तुति करना
    10. 4.18 पृथ्वी-दोहन
    11. 4.19 महाराज पृथुके सौ अश्‍वमेध यज्ञ
    12. 4.20 महाराज पृथुकी यज्ञशालामें श्रीविष्णुभगवान्‌का प्रादुर्भाव
    13. 4.21 महाराज पृथुका अपनी प्रजाको उपदेश
    14. 4.22 महाराज पृथुको सनकादिका उपदेश
  9. दिन 9चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 23 से पञ्चम स्कन्ध · अध्याय 1 तक10 अध्याय
    इस दिनके 10 अध्याय
    1. 4.23 राजा पृथुकी तपस्या और परलोकगमन
    2. 4.24 पृथुकी वंशपरम्परा और प्रचेताओंको भगवान् रुद्रका उपदेश
    3. 4.25 पुरंजनोपाख्यानका प्रारम्भ
    4. 4.26 राजा पुरंजनका शिकार खेलने वनमें जाना और रानीका कुपित होना
    5. 4.27 पुरंजनपुरीपर चण्डवेगकी चढ़ाई तथा कालकन्याका चरित्र
    6. 4.28 पुरंजनको स्त्रीयोनिकी प्राप्ति और अविज्ञातके उपदेशसे उसका मुक्त होना
    7. 4.29 पुरंजनोपाख्यानका तात्पर्य
    8. 4.30 प्रचेताओंको श्रीविष्णुभगवान्‌का वरदान
    9. 4.31 प्रचेताओंको श्रीनारदजीका उपदेश और उनका परमपद-लाभ
    10. 5.1 प्रियव्रत-चरित्र
  10. दिन 10पञ्चम स्कन्ध · अध्याय 2 से पञ्चम स्कन्ध · अध्याय 12 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 5.2 आग्नीध्र-चरित्र
    2. 5.3 राजा नाभिका चरित्र
    3. 5.4 ऋषभदेवजीका राज्यशासन
    4. 5.5 ऋषभजीका अपने पुत्रोंको उपदेश देना और स्वयं अवधूतवृत्ति ग्रहण करना
    5. 5.6 ऋषभदेवजीका देहत्याग
    6. 5.7 भरत-चरित्र
    7. 5.8 भरतजीका मृगके मोहमें फँसकर मृगयोनिमें जन्म लेना
    8. 5.9 भरतजीका ब्राह्मणकुलमें जन्म
    9. 5.10 जडभरत और राजा रहूगणकी भेंट
    10. 5.11 राजा रहूगणको भरतजीका उपदेश
    11. 5.12 रहूगणका प्रश्न और भरतजीका समाधान
  11. दिन 11पञ्चम स्कन्ध · अध्याय 13 से पञ्चम स्कन्ध · अध्याय 21 तक9 अध्याय
    इस दिनके 9 अध्याय
    1. 5.13 भवाटवीका वर्णन और रहूगणका संशयनाश
    2. 5.14 भवाटवीका स्पष्टीकरण
    3. 5.15 भरतके वंशका वर्णन
    4. 5.16 भुवनकोशका वर्णन
    5. 5.17 गंगाजीका विवरण और भगवान् शंकरकृत संकर्षणदेवकी स्तुति
    6. 5.18 भिन्‍न-भिन्‍न वर्षोंका वर्णन
    7. 5.19 किम्पुरुष और भारतवर्षका वर्णन
    8. 5.20 अन्य छः द्वीपों तथा लोकालोकपर्वतका वर्णन
    9. 5.21 सूर्यके रथ और उसकी गतिका वर्णन
  12. दिन 12पञ्चम स्कन्ध · अध्याय 22 से षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 6 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 5.22 भिन्‍न-भिन्‍न ग्रहोंकी स्थिति और गतिका वर्णन
    2. 5.23 शिशुमारचक्रका वर्णन
    3. 5.24 राहु आदिकी स्थिति, अतलादि नीचेके लोकोंका वर्णन
    4. 5.25 श्रीसङ्कर्षणदेवका विवरण और स्तुति
    5. 5.26 नरकोंकी विभिन्‍न गतियोंका वर्णन
    6. 6.1 अजामिलोपाख्यानका प्रारम्भ
    7. 6.2 विष्णुदूतोंद्वारा भागवतधर्म-निरूपण और अजामिलका परमधामगमन
    8. 6.3 यम और यमदूतोंका संवाद
    9. 6.4 दक्षके द्वारा भगवान्‌की स्तुति और भगवान्का प्रादुर्भाव
    10. 6.5 श्रीनारदजीके उपदेशसे दक्षपुत्रोंकी विरक्ति तथा नारदजीको दक्षका शाप
    11. 6.6 दक्षप्रजापतिकी साठ कन्याओंके वंशका विवरण
  13. दिन 13षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 7 से षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 18 तक12 अध्याय
    इस दिनके 12 अध्याय
    1. 6.7 बृहस्पतिजीके द्वारा देवताओंका त्याग और विश्‍वरूपका देवगुरुके रूपमें वरण
    2. 6.8 नारायणकवचका उपदेश
    3. 6.9 विश्‍वरूपका वध, वृत्रासुरद्वारा देवताओंकी हार और भगवान्‌की प्रेरणासे देवताओंका दधीचि ऋषिके पास जाना
    4. 6.10 देवताओंद्वारा दधीचि ऋषिकी अस्थियोंसे वज्र-निर्माण और वृत्रासुरकी सेनापर आक्रमण
    5. 6.11 वृत्रासुरकी वीरवाणी और भगवत्प्राप्ति
    6. 6.12 वृत्रासुरका वध
    7. 6.13 इन्द्रपर ब्रह्महत्याका आक्रमण
    8. 6.14 वृत्रासुरका पूर्वचरित्र
    9. 6.15 चित्रकेतुको अंगिरा और नारदजीका उपदेश
    10. 6.16 चित्रकेतुका वैराग्य तथा संकर्षणदेवके दर्शन
    11. 6.17 चित्रकेतुको पार्वतीजीका शाप
    12. 6.18 अदिति और दितिकी सन्तानोंकी तथा मरुद्गणोंकी उत्पत्तिका वर्णन
  14. दिन 14षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 19 से सप्तम स्कन्ध · अध्याय 10 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 6.19 पुंसवन-व्रतकी विधि
    2. 7.1 नारद-युधिष्ठिर-संवाद और जय-विजयकी कथा
    3. 7.2 हिरण्याक्षका वध होनेपर हिरण्यकशिपुका अपनी माता और कुटुम्बियोंको समझाना
    4. 7.3 हिरण्यकशिपुकी तपस्या और वरप्राप्ति
    5. 7.4 हिरण्यकशिपुके अत्याचार और प्रह्लादके गुणोंका वर्णन
    6. 7.5 हिरण्यकशिपुके द्वारा प्रह्लादजीके वधका प्रयत्न
    7. 7.6 प्रह्लादजीका असुर-बालकोंको उपदेश
    8. 7.7 प्रह्लादजीद्वारा माताके गर्भमें प्राप्त हुए नारदजीके उपदेशका वर्णन
    9. 7.8 नृसिंहभगवान्‌का प्रादुर्भाव, हिरण्यकशिपुका वध एवं ब्रह्मादि देवताओंद्वारा भगवान्‌की स्तुति
    10. 7.9 प्रह्लादजीके द्वारा नृसिंहभगवान्‌की स्तुति
    11. 7.10 प्रह्लादजीके राज्याभिषेक और त्रिपुरदहनकी कथा
  15. दिन 15सप्तम स्कन्ध · अध्याय 11 से अष्टम स्कन्ध · अध्याय 8 तक13 अध्याय
    इस दिनके 13 अध्याय
    1. 7.11 मानवधर्म, वर्णधर्म और स्त्रीधर्मका निरूपण
    2. 7.12 ब्रह्मचर्य और वानप्रस्थ आश्रमोंके नियम
    3. 7.13 यतिधर्मका निरूपण और अवधूत-प्रह्लाद-संवाद
    4. 7.14 गृहस्थसम्बन्धी सदाचार
    5. 7.15 गृहस्थोंके लिये मोक्षधर्मका वर्णन
    6. 8.1 मन्वन्तरोंका वर्णन
    7. 8.2 ग्राहके द्वारा गजेन्द्रका पकड़ा जाना
    8. 8.3 गजेन्द्रके द्वारा भगवान्‌की स्तुति और उसका संकटसे मुक्त होना
    9. 8.4 गज और ग्राहका पूर्वचरित्र तथा उनका उद्धार
    10. 8.5 देवताओंका ब्रह्माजीके पास जाना और ब्रह्माकृत भगवान्‌की स्तुति
    11. 8.6 देवताओं और दैत्योंका मिलकर समुद्रमन्थनके लिये उद्योग करना
    12. 8.7 समुद्रमन्थनका आरम्भ और भगवान् शंकरका विषपान
    13. 8.8 समुद्रसे अमृतका प्रकट होना और भगवान्‌का मोहिनी-अवतार ग्रहण करना
  16. दिन 16अष्टम स्कन्ध · अध्याय 9 से अष्टम स्कन्ध · अध्याय 17 तक9 अध्याय
    इस दिनके 9 अध्याय
    1. 8.9 मोहिनीरूपसे भगवान्‌के द्वारा अमृत बाँटा जाना
    2. 8.10 देवासुर-संग्राम
    3. 8.11 देवासुर-संग्रामकी समाप्ति
    4. 8.12 मोहिनीरूपको देखकर महादेवजीका मोहित होना
    5. 8.13 आगामी सात मन्वन्तरोंका वर्णन
    6. 8.14 मनु आदिके पृथक्-पृथक् कर्मोंका निरूपण
    7. 8.15 राजा बलिकी स्वर्गपर विजय
    8. 8.16 कश्यपजीके द्वारा अदितिको पयोव्रतका उपदेश
    9. 8.17 भगवान्‌का प्रकट होकर अदितिको वर देना
  17. दिन 17अष्टम स्कन्ध · अध्याय 18 से नवम स्कन्ध · अध्याय 5 तक12 अध्याय
    इस दिनके 12 अध्याय
    1. 8.18 वामनभगवान्‌का प्रकट होकर राजा बलिकी यज्ञशालामें पधारना
    2. 8.19 भगवान् वामनका बलिसे तीन पग पृथ्वी माँगना, बलिका वचन देना और शुक्राचार्यजीका उन्हें रोकना
    3. 8.20 भगवान् वामनजीका विराट्रूप होकर दो ही पगसे पृथ्वी और स्वर्गको नाप लेना
    4. 8.21 बलिका बाँधा जाना
    5. 8.22 बलिके द्वारा भगवान्‌की स्‍तुति और भगवान्‌का उसपर प्रसन्‍न होना
    6. 8.23 बलिका बन्धनसे छूटकर सुतललोकको जाना
    7. 8.24 भगवान्‌के मत्स्यावतारकी कथा
    8. 9.1 वैवस्वत मनुके पुत्र राजा सुद्युम्‍नकी कथा
    9. 9.2 पृषध्र आदि मनुके पाँच पुत्रोंका वंश
    10. 9.3 महर्षि च्यवन और सुकन्याका चरित्र, राजा शर्यातिका वंश
    11. 9.4 नाभाग और अम्बरीषकी कथा
    12. 9.5 दुर्वासाजीकी दुःखनिवृत्ति
  18. दिन 18नवम स्कन्ध · अध्याय 6 से नवम स्कन्ध · अध्याय 16 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 9.6 इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन, मान्धाता और सौभरि ऋषिकी कथा
    2. 9.7 राजा त्रिशङ्कु और हरिश्‍चन्द्रकी कथा
    3. 9.8 सगर-चरित्र
    4. 9.9 भगीरथ-चरित्र और गंगावतरण
    5. 9.10 भगवान् श्रीरामकी लीलाओंका वर्णन
    6. 9.11 भगवान् श्रीरामकी शेष लीलाओंका वर्णन
    7. 9.12 इक्ष्वाकुवंशके शेष राजाओंका वर्णन
    8. 9.13 राजा निमिके वंशका वर्णन
    9. 9.14 चन्द्रवंशका वर्णन
    10. 9.15 ऋचीक, जमदग्‍नि और परशुरामजीका चरित्र
    11. 9.16 परशुरामजीके द्वारा क्षत्रियसंहार और विश्‍वामित्रजीके वंशकी कथा
  19. दिन 19नवम स्कन्ध · अध्याय 17 से दशम स्कन्ध · अध्याय 3 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 9.17 क्षत्रवृद्ध, रजि आदि राजाओंके वंशका वर्णन
    2. 9.18 ययाति-चरित्र
    3. 9.19 ययातिका गृहत्याग
    4. 9.20 पूरुके वंश, राजा दुष्यन्त और भरतके चरित्रका वर्णन
    5. 9.21 भरतवंशका वर्णन, राजा रन्तिदेवकी कथा
    6. 9.22 पांचाल, कौरव और मगधदेशीय राजाओंके वंशका वर्णन
    7. 9.23 अनु, द्रुह्यु, तुर्वसु और यदुके वंशका वर्णन
    8. 9.24 विदर्भके वंशका वर्णन
    9. 10.1 भगवान्‌के द्वारा पृथ्वीको आश्‍वासन, वसुदेव-देवकीका विवाह और कंसके द्वारा देवकीके छः पुत्रोंकी हत्या
    10. 10.2 भगवान्‌का गर्भ-प्रवेश और देवताओंद्वारा गर्भ-स्तुति
    11. 10.3 भगवान् श्रीकृष्णका प्राकट्य
  20. दिन 20दशम स्कन्ध · अध्याय 4 से दशम स्कन्ध · अध्याय 15 तक12 अध्याय
    इस दिनके 12 अध्याय
    1. 10.4 कंसके हाथसे छूटकर योगमायाका आकाशमें जाकर भविष्यवाणी करना
    2. 10.5 गोकुलमें भगवान्‌का जन्ममहोत्सव
    3. 10.6 पूतना-उद्धार
    4. 10.7 शकट-भंजन और तृणावर्त-उद्धार
    5. 10.8 नामकरण-संस्कार और बाललीला
    6. 10.9 श्रीकृष्णका ऊखलसे बाँधा जाना
    7. 10.10 यमलार्जुनका उद्धार
    8. 10.11 गोकुलसे वृन्दावन जाना तथा वत्सासुर और बकासुरका उद्धार
    9. 10.12 अघासुरका उद्धार
    10. 10.13 ब्रह्माजीका मोह और उसका नाश
    11. 10.14 ब्रह्माजीके द्वारा भगवान्‌की स्तुति
    12. 10.15 धेनुकासुरका उद्धार और ग्वालबालोंको कालियनागके विषसे बचाना
  21. दिन 21दशम स्कन्ध · अध्याय 16 से दशम स्कन्ध · अध्याय 28 तक13 अध्याय
    इस दिनके 13 अध्याय
    1. 10.16 कालियपर कृपा
    2. 10.17 कालियके कालियदहमें आनेकी कथा तथा भगवान्‌का व्रजवासियोंको दावानलसे बचाना
    3. 10.18 प्रलम्बासुर-उद्धार
    4. 10.19 गौओं और गोपोंको दावानलसे बचाना
    5. 10.20 वर्षा और शरद्ऋतुका वर्णन
    6. 10.21 वेणुगीत
    7. 10.22 चीरहरण
    8. 10.23 यज्ञपत्‍नियोंपर कृपा
    9. 10.24 इन्द्रयज्ञ-निवारण
    10. 10.25 गोवर्धनधारण
    11. 10.26 नन्दबाबासे गोपोंकी श्रीकृष्णके प्रभावके विषयमें बातचीत
    12. 10.27 श्रीकृष्णका अभिषेक
    13. 10.28 वरुणलोकसे नन्दजीको छुड़ाकर लाना
  22. दिन 22दशम स्कन्ध · अध्याय 29 से दशम स्कन्ध · अध्याय 44 तक16 अध्याय
    इस दिनके 16 अध्याय
    1. 10.29 रासलीलाका आरम्भ
    2. 10.30 श्रीकृष्णके विरहमें गोपियोंकी दशा
    3. 10.31 गोपिकागीत
    4. 10.32 भगवान्‌का प्रकट होकर गोपियोंको सान्त्वना देना
    5. 10.33 महारास
    6. 10.34 सुदर्शन और शंखचूडका उद्धार
    7. 10.35 युगलगीत
    8. 10.36 अरिष्टासुरका उद्धार और कंसका श्रीअक्रूरजीको व्रजमें भेजना
    9. 10.37 केशी और व्योमासुरका उद्धार तथा नारदजीके द्वारा भगवान्‌की स्तुति
    10. 10.38 अक्रूरजीकी व्रजयात्रा
    11. 10.39 श्रीकृष्ण-बलरामका मथुरागमन
    12. 10.40 अक्रूरजीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति
    13. 10.41 श्रीकृष्णका मथुराजीमें प्रवेश
    14. 10.42 कुब्जापर कृपा, धनुषभंग और कंसकी घबड़ाहट
    15. 10.43 कुवलयापीडका उद्धार और अखाड़ेमें प्रवेश
    16. 10.44 चाणूर, मुष्टिक आदि पहलवानोंका तथा कंसका उद्धार
  23. दिन 23दशम स्कन्ध · अध्याय 45 से दशम स्कन्ध · अध्याय 56 तक12 अध्याय
    इस दिनके 12 अध्याय
    1. 10.45 श्रीकृष्ण-बलरामका यज्ञोपवीत और गुरुकुलप्रवेश
    2. 10.46 उद्धवजीकी व्रजयात्रा
    3. 10.47 उद्धव तथा गोपियोंकी बातचीत और भ्रमरगीत
    4. 10.48 भगवान्‌का कुब्जा और अक्रूरजीके घर जाना
    5. 10.49 अक्रूरजीका हस्तिनापुर जाना
    6. 10.50 जरासन्धसे युद्ध और द्वारकापुरीका निर्माण
    7. 10.51 कालयवनका भस्म होना, मुचुकुन्दकी कथा
    8. 10.52 द्वारकागमन, श्रीबलरामजीका विवाह तथा श्रीकृष्णके पास रुक्मिणीजीका सन्देशा लेकर ब्राह्मणका आना
    9. 10.53 रुक्मिणीहरण
    10. 10.54 शिशुपालके साथी राजाओंकी और रुक्मीकी हार तथा श्रीकृष्ण-रुक्मिणी-विवाह
    11. 10.55 प्रद्युम्‍नका जन्म और शम्बरासुरका वध
    12. 10.56 स्यमन्तकमणिकी कथा, जाम्बवती और सत्यभामाके साथ श्रीकृष्णका विवाह
  24. दिन 24दशम स्कन्ध · अध्याय 57 से दशम स्कन्ध · अध्याय 70 तक14 अध्याय
    इस दिनके 14 अध्याय
    1. 10.57 स्यमन्तक-हरण, शतधन्वाका उद्धार और अक्रूरजीको फिरसे द्वारका बुलाना
    2. 10.58 भगवान् श्रीकृष्णके अन्यान्य विवाहोंकी कथा
    3. 10.59 भौमासुरका उद्धार और सोलह हजार एक सौ राज- कन्याओंके साथ भगवान्‌का विवाह
    4. 10.60 श्रीकृष्ण-रुक्मिणी-संवाद
    5. 10.61 भगवान्‌की सन्ततिका वर्णन तथा अनिरुद्धके विवाहमें रुक्मीका मारा जाना
    6. 10.62 ऊषा-अनिरुद्ध-मिलन
    7. 10.63 भगवान् श्रीकृष्णके साथ बाणासुरका युद्ध
    8. 10.64 नृग राजाकी कथा
    9. 10.65 श्रीबलरामजीका व्रजगमन
    10. 10.66 पौण्ड्रक और काशिराजका उद्धार
    11. 10.67 द्विविदका उद्धार
    12. 10.68 कौरवोंपर बलरामजीका कोप और साम्बका विवाह
    13. 10.69 देवर्षि नारदजीका भगवान्‌की गृहचर्या देखना
    14. 10.70 भगवान् श्रीकृष्णकी नित्यचर्या और उनके पास जरासन्धके कैदी राजाओंके दूतका आना
  25. दिन 25दशम स्कन्ध · अध्याय 71 से दशम स्कन्ध · अध्याय 81 तक11 अध्याय
    इस दिनके 11 अध्याय
    1. 10.71 श्रीकृष्णभगवान्‌का इन्द्रप्रस्थ पधारना
    2. 10.72 पाण्डवोंके राजसूययज्ञका आयोजन और जरासन्धका उद्धार
    3. 10.73 जरासन्धके जेलसे छूटे हुए राजाओंकी बिदाई और भगवान्‌का इन्द्रप्रस्थ लौट आना
    4. 10.74 भगवान्‌की अग्रपूजा और शिशुपालका उद्धार
    5. 10.75 राजसूय यज्ञकी पूर्ति और दुर्योधनका अपमान
    6. 10.76 शाल्वके साथ यादवोंका युद्ध
    7. 10.77 शाल्व-उद्धार
    8. 10.78 दन्तवक्त्र और विदूरथका उद्धार तथा तीर्थयात्रामें बलरामजीके हाथसे सूतजीका वध
    9. 10.79 बल्वलका उद्धार और बलरामजीकी तीर्थयात्रा
    10. 10.80 श्रीकृष्णके द्वारा सुदामाजीका स्वागत
    11. 10.81 सुदामाजीको ऐश्‍वर्यकी प्राप्ति
  26. दिन 26दशम स्कन्ध · अध्याय 82 से एकादश स्कन्ध · अध्याय 1 तक10 अध्याय
    इस दिनके 10 अध्याय
    1. 10.82 भगवान् श्रीकृष्ण-बलरामसे गोप-गोपियोंकी भेंट
    2. 10.83 भगवान्‌की पटरानियोंके साथ द्रौपदीकी बातचीत
    3. 10.84 वसुदेवजीका यज्ञोत्सव
    4. 10.85 श्रीभगवान्‌के द्वारा वसुदेवजीको ब्रह्मज्ञानका उपदेश तथा देवकीजीके छः पुत्रोंको लौटा लाना
    5. 10.86 सुभद्राहरण और भगवान्‌का मिथिलापुरीमें राजा जनक और श्रुतदेव ब्राह्मणके घर एक ही साथ जाना
    6. 10.87 वेदस्तुति
    7. 10.88 शिवजीका संकटमोचन
    8. 10.89 भृगुजीके द्वारा त्रिदेवोंकी परीक्षा तथा भगवान्‌का मरे हुए ब्राह्मण-बालकोंको वापस लाना
    9. 10.90 भगवान् श्रीकृष्णके लीला-विहारका वर्णन
    10. 11.1 यदुवंशको ऋषियोंका शाप
  27. दिन 27एकादश स्कन्ध · अध्याय 2 से एकादश स्कन्ध · अध्याय 14 तक13 अध्याय
    इस दिनके 13 अध्याय
    1. 11.2 वसुदेवजीके पास श्रीनारदजीका आना और उन्हें राजा जनक तथा नौ योगीश्‍वरोंका संवाद सुनाना
    2. 11.3 माया, मायासे पार होनेके उपाय तथा ब्रह्म और कर्मयोगका निरूपण
    3. 11.4 भगवान्‌के अवतारोंका वर्णन
    4. 11.5 भक्तिहीन पुरुषोंकी गति और भगवान्‌की पूजाविधिका वर्णन
    5. 11.6 देवताओंकी भगवान्‌से स्वधाम सिधारनेके लिये प्रार्थना तथा यादवोंको प्रभासक्षेत्र जानेकी तैयारी करते देखकर उद्धवका भगवान्‌के पास आना
    6. 11.7 अवधूतोपाख्यान—पृथ्वीसे लेकर कबूतरतक आठ गुरुओंकी कथा
    7. 11.8 अवधूतोपाख्यान—अजगरसे लेकर पिंगलातक नौ गुरुओंकी कथा
    8. 11.9 अवधूतोपाख्यान—कुररसे लेकर भृंगीतक सात गुरुओंकी कथा
    9. 11.10 लौकिक तथा पारलौकिक भोगोंकी असारताका निरूपण
    10. 11.11 बद्ध, मुक्त और भक्तजनोंके लक्षण
    11. 11.12 सत्संगकी महिमा और कर्म तथा कर्मत्यागकी विधि
    12. 11.13 हंसरूपसे सनकादिको दिये हुए उपदेशका वर्णन
    13. 11.14 भक्तियोगकी महिमा तथा ध्यानविधिका वर्णन
  28. दिन 28एकादश स्कन्ध · अध्याय 15 से एकादश स्कन्ध · अध्याय 28 तक14 अध्याय
    इस दिनके 14 अध्याय
    1. 11.15 भिन्‍न-भिन्‍न सिद्धियोंके नाम और लक्षण
    2. 11.16 भगवान्‌की विभूतियोंका वर्णन
    3. 11.17 वर्णाश्रम-धर्म-निरूपण
    4. 11.18 वानप्रस्थ और संन्यासीके धर्म
    5. 11.19 भक्ति, ज्ञान और यम-नियमादि साधनोंका वर्णन
    6. 11.20 ज्ञानयोग, कर्मयोग और भक्तियोग
    7. 11.21 गुण-दोष-व्यवस्थाका स्वरूप और रहस्य
    8. 11.22 तत्त्वोंकी संख्या और पुरुष-प्रकृति-विवेक
    9. 11.23 एक तितिक्षु ब्राह्मणका इतिहास
    10. 11.24 सांख्ययोग
    11. 11.25 तीनों गुणोंकी वृत्तियोंका निरूपण
    12. 11.26 पुरूरवाकी वैराग्योक्ति
    13. 11.27 क्रियायोगका वर्णन
    14. 11.28 परमार्थनिरूपण
  29. दिन 29एकादश स्कन्ध · अध्याय 29 से द्वादश स्कन्ध · अध्याय 7 तक10 अध्याय
    इस दिनके 10 अध्याय
    1. 11.29 भागवतधर्मोंका निरूपण और उद्धवजीका बदरिकाश्रमगमन
    2. 11.30 यदुकुलका संहार
    3. 11.31 श्रीभगवान्‌का स्वधामगमन
    4. 12.1 कलियुगके राजवंशोंका वर्णन
    5. 12.2 कलियुगके धर्म
    6. 12.3 राज्य, युगधर्म और कलियुगके दोषोंसे बचनेका उपाय—नामसंकीर्तन
    7. 12.4 चार प्रकारके प्रलय
    8. 12.5 श्रीशुकदेवजीका अन्तिम उपदेश
    9. 12.6 परीक्षित‍्की परमगति, जनमेजयका सर्पसत्र और वेदोंके शाखाभेद
    10. 12.7 अथर्ववेदकी शाखाएँ और पुराणोंके लक्षण
  30. दिन 30द्वादश स्कन्ध · अध्याय 8 से द्वादश स्कन्ध · अध्याय 13 तक6 अध्याय
    इस दिनके 6 अध्याय
    1. 12.8 मार्कण्डेयजीकी तपस्या और वर-प्राप्ति
    2. 12.9 मार्कण्डेयजीका माया-दर्शन
    3. 12.10 मार्कण्डेयजीको भगवान् शंकरका वरदान
    4. 12.11 भगवान्‌के अंग, उपांग और आयुधोंका रहस्य तथा विभिन्‍न सूर्यगणोंका वर्णन
    5. 12.12 श्रीमद्भागवतकी संक्षिप्त विषय-सूची
    6. 12.13 विभिन्‍न पुराणोंकी श्‍लोक-संख्या और श्रीमद्भागवतकी महिमा

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